शुक्रवार, 16 अक्टूबर
तेरा दिल तुझे उस औरत के पीछे जाने के लिए बहका न दे, तू भटककर उसकी राहों पर मत जाना।—नीति. 7:25.
सुलैमान के बताए जवान के साथ जो हुआ, वह परमेश्वर के किसी भी सेवक के साथ हो सकता है। हो सकता है, एक मसीही कोई गंभीर पाप कर बैठे और बाद में उसे लगे कि सबकुछ अचानक हो गया। या शायद वह कहे, “पता नहीं यह सब कैसे हो गया।” लेकिन अगर वह ध्यान से सोचे कि ऐसा क्यों हुआ, तो शायद उसे एहसास हो कि उसने समझदारी से काम नहीं लिया और कुछ गलत कदम उठाए। जैसे शायद उसने ऐसे लोगों से दोस्ती की जो यहोवा से प्यार नहीं करते। या वह ऐसा मनोरंजन करने लगा जो एक मसीही के लिए सही नहीं है। या वह ऐसी वेबसाइट पर या ऐसी जगह जाने लगा जहाँ एक मसीही को नहीं जाना चाहिए। यह भी हो सकता है कि उसे एहसास हो कि उसने प्रार्थना करना, बाइबल पढ़ना, सभाओं में जाना और प्रचार में जाना छोड़ दिया है। नीतिवचन में बताए उस जवान की तरह, यह मसीही अचानक पाप नहीं कर बैठा। उसने कुछ गलत कदम उठाए थे जिस वजह से वह पाप में फँस गया। हमारे लिए क्या सबक है? हमें ना सिर्फ पाप करने से दूर रहना है, बल्कि उन कामों से भी जो पाप की ओर ले जाते हैं। उस जवान का किस्सा बताने के बाद सुलैमान ने यही बात समझायी।—मत्ती 5:29, 30. प्र24.07 पेज 16 पै 10-11
शनिवार, 17 अक्टूबर
हमारे पास यह खज़ाना मिट्टी के बरतनों में है।—2 कुरिं. 4:7.
यह खज़ाना क्या है? परमेश्वर के राज की खुशखबरी। जब हम लोगों को यह खुशखबरी सुनाते हैं, तो उन्हें जीवन मिल सकता है। (2 कुरिं. 4:1) और मिट्टी के बरतन कौन हैं? परमेश्वर के सेवक जो लोगों को खुशखबरी सुनाते हैं। पहली सदी में व्यापारी मिट्टी के बरतनों में अनाज, दाख-मदिरा, पैसे और ऐसी ही दूसरी ज़रूरी चीज़ें ले जाया करते थे। उसी तरह, यहोवा ने हम मिट्टी के बरतनों को यह ज़िम्मेदारी दी है कि हम खुशखबरी का ज़रूरी संदेश लोगों तक पहुँचाएँ। और इस काम को अच्छी तरह करने में यहोवा हमारी मदद करेगा। कभी-कभी शायद हम यह सोचकर डर जाएँ कि अगर लोग हम पर भड़क गए या हमारा विरोध करें, तो हम क्या करेंगे। क्या आपको भी यह डर सताता है? ध्यान दीजिए, जब प्रेषितों को हुक्म दिया गया कि वे प्रचार करना बंद कर दें, तो उन्होंने क्या किया। उन्होंने यहोवा से प्रार्थना की और उससे कहा कि वह उनकी मदद करे ताकि वे निडर होकर उसका वचन सुनाते रहें। यहोवा ने उनकी प्रार्थना सुनी और तुरंत उनकी मदद की। (प्रेषि. 4:18, 29, 31) अगर कभी आपको भी लोगों से बात करने में डर लगे, तो यहोवा से कहिए कि वह आपके दिल में लोगों के लिए इतना प्यार बढ़ा दे कि आपके दिल से लोगों का डर ही निकल जाए। प्र24.04 पेज 16 पै 8-9
रविवार, 18 अक्टूबर
हे हमारे पिता तू जो स्वर्ग में है, तेरा नाम पवित्र किया जाए।—मत्ती 6:9.
हम यहोवा से प्यार करते हैं, इसलिए हम उसके नाम को भी पवित्र करना चाहते हैं। शैतान ने यहोवा के बारे में झूठी बातें कही हैं और उसके नाम पर कलंक लगाया है। पर हम उस कलंक को मिटाना चाहते हैं। (उत्प. 3:1-5; अय्यू. 2:4; यूह. 8:44) प्रचार करके हम लोगों को बताना चाहते हैं कि हमारा परमेश्वर कैसा है। हम चाहते हैं कि सब यह जानें कि परमेश्वर प्यार है और उसके राज करने का तरीका ही सबसे अच्छा और सही है। हम सबको यह भी बताना चाहते हैं कि यहोवा बहुत जल्द अपने राज के ज़रिए सारी दुख-तकलीफें खत्म कर देगा और इंसानों को एक ऐसी दुनिया देगा, जहाँ हर तरफ शांति और खुशहाली होगी। (भज. 37:10, 11, 29; 1 यूह. 4:8) जब हम लोगों को ये बातें बताते हैं, तो हम यहोवा का पक्ष लेते हैं और उसका नाम पवित्र करते हैं। हमें इस बात की भी खुशी होती है कि हम अपने नाम पर खरे उतर रहे हैं। प्र24.05 पेज 18 पै 12